BIHAR D.El.Ed. 1st YEAR SYLLABUS
बिहार डी.एल.एड. फर्स्ट ईयर सभी पेपर के सिलेबस
| Course | Bihar D.El.Ed. |
| First Year Full Marks | 1000 |
| Second Year Full Marks | 1000 |
| 1st +2nd Year total Marks | 2000 |
| Pass Marks | External and Internal सभी में अलग अलग 45% |
Bihar D.El.Ed 1st Year Syllabus – बिहार डी.एल.एड. फर्स्ट ईयर सभी पेपर का नाम दिया गया है ,उसके बाद सभी विषय के अलग अलग सिलेबस दिया गया है |
- F-1 समाज, शिक्षा और पाठचर्या की समझ
- F-2 बचपन और बाल विकास
- F-3 प्रारम्भिक बाल्यावस्था, देखभाल एवं शिक्षा
- F-4 विद्यालय संस्कृति, परिवर्तन और शिक्षक विकास
- F-5 भाषा की समझ तथा आरम्प्राभिक भाषा विकास
- F-6 शिक्षा में जेंडर एवं समावेशी परिप्रेक्ष
- F-7 गणित का शिक्षण शास्त्र -1 ( प्राथमिक स्तर )
- F-8 हिंदी का शिक्षण शास्त्र -1
- F-9 PROFICIENCY IN ENGLISH
- F-10 पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र
- F-11 कला समेकित शिक्षा
- F-12 शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी
F-1 समाज, शिक्षा और पाठचर्या की समझ सिलेबस
| Topic | समाज, शिक्षा और पाठचर्या की समझ सिलेबस |
| Course | Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus |
| Paper Code | F-1 |
| FULL MARKS | 100 |
| Theory | 70 |
| Internal | 30 |
| PASS MARKS | 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) |
- इकाई 1: बच्चे, बचपन और समाज
- इकाई 2 : विद्यालय और समाजीकरण
- इकाई 3 : शिक्षा और ज्ञान : विविध परिप्रेक्ष्य की समझ
- इकाई 4: प्रमुख चिन्तकों के मौलिक लेखन की शिक्षाशास्त्रीय समझ
- इकाई 5 : पाठ्यचर्या की समझ : बच्चों तथा समाज के सन्दर्भ में
इकाई 1: बच्चे, बचपन और समाज
- बच्चे तथा बचपन : सामाजिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक समझ।
- समाजीकरण की समझ : अवधारणा, कारक तथा विविध सन्दर्भ।
- बच्चों का समाजीकरण : माता-पिता, परिवार, पड़ोस, जेण्डर एवं समुदाय की भूमिका।
- बाल अधिकारों का सन्दर्भ : उपेक्षित वर्गों से आने वाले बच्चों पर विशेष चर्चा के साथ।
इकाई 2 : विद्यालय और समाजीकरण
- शिक्षा, विद्यालय और समाज : अन्तर्सम्बन्धों की समझ।
- विद्यालय में समाजीकरण की प्रक्रिया : विभिन्न कारकों की भूमिका व प्रभावों की समझ।
- शिक्षा, शिक्षण तथा विद्यालय : सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व राजनीतिक आधार|
इकाई 3 : शिक्षा और ज्ञान : विविध परिप्रेक्ष्य की समझ
- शिक्षा : सामान्य अवधारणा, उद्देश्य एवं विद्यालयी शिक्षा की प्रकृति
- शिक्षा को समझने के विभिन्न आधार/दृष्टिकोण : दर्शनशास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक, समाज-शासत्र
- शिक्ष का साहित्य, शिक्षा का इतिहास आदि।
- ज्ञान की अवधारणा : दार्शनिक परिप्रेक्ष्य।
- ज्ञान के विविध स्वरूप एवं अर्जन के तरीके।
इकाई 4: प्रमुख चिन्तकों के मौलिक लेखन की शिक्षाशास्त्रीय समझ
- महात्मा गाँधी-हिन्द स्वराज : सामाजिक दर्शन और शिक्षा के सम्बन्ध को रेखांकित करते हुए
- गिजुभाई बधेका—दिवास्वप्न : शिक्षा में प्रयोग के विचार को रेखांकित करते हुए।
- रवीन्द्रनाथ टैगोर–शिक्षा : सीखने में स्वतन्त्रता एवं स्वायत्तता की भूमिका को रेखांकित करते हुए।
- मारिया माण्टेसरी—ग्रहणशील मन पुस्तक से ‘विकास के क्रम’ शीर्षक अध्याय : बच्चों सीखने के सम्बन्ध में विशेष पद्धति को रेखांकित करते हुए।
- ज्योतिबा फुले-हण्टर आयोग (1882) को दिया गया बयान : शैक्षिक, सामाजिक सांस्कृतिक असमानता को रेखांकित करते हुए।
- डॉ. जाकिर हुसैन–शैक्षिक लेख : बालकेन्द्रित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए।
- जे. कृष्णमूर्ति ‘शिक्षा क्या है’ : सीखने-सिखाने में संवाद की भूमिका को रेखांकित करते हुए
- जॉन डीवी–शिक्षा और लोकतन्त्र से ‘जीवन की आवश्यकता के रूप में शिक्षा’ शीर्षक लेर शिक्षा और समाज की अन्तक्रिया को रेखांकित करते हुए।
इकाई 5 : पाठ्यचर्या की समझ : बच्चों तथा समाज के सन्दर्भ में
- पाठ्यचर्या तथा पाठ्यक्रम : अवधारणा तथा विविध आधार।
- बच्चों की पाठ्य-पुस्तकें : शिक्षा, ज्ञान एवं समाजीकरण के माध्यम के तौर पर।
- स्थानीय पाठ्यचर्या की समझ।
- पाठ्यचर्या तथा पाठ्यक्रम : अवधारणा तथा विविध आधार।
- बच्चों की पाठ्य-पुस्तकें : शिक्षा, ज्ञान एवं समाजीकरण के माध्यम के तौर पर।
- स्थानीय पाठ्यचर्या की समझ।
F-2 बचपन और बाल विकास सिलेबस
| Topic | बचपन और बाल विकास सिलेबस |
| Course | Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-4 Syllabus |
| Paper Code | F-2 |
| FULL MARKS | 100 |
| Theory | 70 |
| Internal | 30 |
| PASS MARKS | 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) |
- इकाई 1 : बचपन व बाल विकास की समझ
- इकाई 2 : बच्चों का शारीरिक एवं मनोगत्यात्मक विकास
- इकाई 3 : बच्चों में सृजनात्मकता
- इकाई 4: खेल और बाल विकास
- इकाई 5 : बच्चे और व्यक्तित्व विकास
इकाई 1 : बचपन व बाल विकास की समझ
- बच्चे एवं बचपन : मनो-सामाजिक अवधारणा
- बचपन को प्रभावित करने वाले मनोसामाजिक कारक
- बाल विकास : अवधारणा, विकास के विविध आयाम, प्रभावित करने वाले कारक
- वृद्धि एवं विकास : अन्तर्सम्बन्धों की समझ, अध्ययन के तरीके।
इकाई 2 : बच्चों का शारीरिक एवं मनोगत्यात्मक विकास
- * शारीरिक विकास की समझ।
- * मनोगत्यात्मक विकास की समझ।
- * बच्चों के शारीरिक एवं मनोगत्यात्मक विकास की समझ।
इकाई 3 : बच्चों में सृजनात्मकता
- * सृजनात्मकता : अवधारणा, बच्चों के सन्दर्भ में विशेष महत्त्व।
- * बच्चों में सृजनात्मक विकास हेतु विविध तरीके।
- * सृजनात्मकता : प्रभावित करने वाले कारक।
इकाई 4: खेल और बाल विकास
- * खेल से आशय : अवधारणा, विशेषता, बच्चों के विकास के सन्दर्भ में महत्त्व।
- * बच्चों के खेल : विविध प्रकार एवं सन्दर्भ ।
- * बच्चों के विविध खेल : सीखने-सिखाने के माध्यम के रूप में।
इकाई 5 : बच्चे और व्यक्तित्व विकास
- * विकास के विविध आयाम : एरिक्सन के सिद्धान्त का विशेष सन्दर्भ ।
- * बच्चों में भावात्मक/संवेगात्मक विकास का पहलू : जॉन बाल्बी का सिद्धान्त एवं अन्य विचार
- * नैतिक विकास और बच्चे : सही-गलत की अवधारणा, ज्यां पियाजे तथा कोहलबर्ग का सिद्धान
F-3 प्रारम्भिक बाल्यावस्था, देखभाल एवं शिक्षा सिलेबस
| Topic | F-3 प्रारम्भिक बाल्यावस्था, देखभाल एवं शिक्षा सिलेबस |
| Course | Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus |
| Paper Code | F-3 |
| FULL MARKS | 100 |
| Theory | 70 |
| Internal | 30 |
| PASS MARKS | 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) |
- इकाई 1 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की समझ
- इकाई 2 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के पाठ्यचर्या की समझ
- इकाई 3 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं विद्यालय की तैयारी कर
- इकाई 4 : बच्चे की प्रगति का आकलन
- इकाई 5 : बिहार में प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
इकाई 1 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की समझ
- प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा : प्रमुख अवधारणाएँ।
- ईसीसीई की आवश्यकता एवं उद्देश्य।
- प्रारम्भिक वर्षों के दौरान गुणवत्तापूर्ण प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा का बच्चे के विकास एवं जीवन पर प्रभाव।
- बच्चे कैसे सीखते हैं : बाल विकास की अवस्थाएँ (0-3, 3-6, 6-8 वर्ष), उप अवस्थाएँ एवं सीखना।
इकाई 2 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के पाठ्यचर्या की समझ
- एक सन्तुलित तथा सन्दर्भयुक्त ईसीसीई पाठ्यचर्या की समझ।
- ईसीसीई पाठ्यचर्या के लघु एवं दीर्घकालिक उद्देश्य तथा नियोजन।
- गतिविधियों के आयोजन के लिए विभिन्न विधियों/प्रक्रियाओं का चयन (उदाहरण विषयवस्तु आधारित प्रक्रिया, प्रोजेक्ट विधि आदि ।
- कक्षा में विकासोनुकूल, बाल-केन्द्रित तथा समावेशो वातावरण निर्माण।
इकाई 3 : प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं विद्यालय की तैयारी कर
- प्राथमिक विद्यालयों में प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विस्तार का अर्थ एवं आधार।
- प्रारम्भिक वर्षों में प्रक्रियाओं के बाल केन्द्रित होने का अर्थ।
- प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा में खेल एवं गतिविधियों के आयोजन का महत्व। .
- विद्यालय आने से पहले बच्चों की भाषा तथा गणितीय कौशल।
इकाई 4 : बच्चे की प्रगति का आकलन
- प्रारम्भिक वर्षों में विकास के विभिन्न आयाम एवं अधिगम।
- बच्चे को प्रगति के विभिन्न संकेतक एवं मानक।
- बच्चे की प्रगति का अवलोकन व आंकलन।
- प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा में बच्चे की प्रगति से सम्बन्धित अभिलेखों का संधारण।
- बच्चे की प्रगति में घर एवं विद्यालय की भूमिकाओं का अन्तर्संबंध ।
- विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चे तथा प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा।
इकाई 5 : बिहार में प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
- बिहार में प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की वर्तमान स्थिति।
- राज्य में प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा को 8 वर्ष तक विस्तार देने का अर्थ
- राज्य में प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा की चुनौतियाँ एवं नवाचार।
- राज्य में विद्यालय की तैयारी में संस्थाओं (अकादमिक एवं सामाजिक) से अपेक्षा।
F-4 विद्यालय संस्कृति, परिवर्तन और शिक्षक विकास सिलेबस
PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए )
| Topic | F-4 विद्यालय संस्कृति, परिवर्तन और शिक्षक विकास सिलेबस |
| Course | Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus |
| Paper Code | F-4 |
| FULL MARKS | 100 |
| Theory | 70 |
| Internal | 30 |
- इकाई 1: विद्यालय संस्कृति और प्रबन्धन
- इकाई 2 : विद्यालय में परिवर्तन
- इकाई 3: विद्यालयी शिक्षण की व्यवस्थाएं
- इकाई 4: शिक्षक वृत्तिक विकास (प्रोफेशनल डेवलपमेंट) के आयाम
- इकाई 5 : महत्वपूर्ण शैक्षिक संस्थाएँ, प्रशिक्षण केन्द्र व सरकारी योजनाओं की समीक्षात्मक समझ
इकाई1: विद्यालय संस्कृति और प्रबन्धन
- विद्यालय संस्कृति के संगठनात्मक पहलू : अवधारणा, संरचना एवं घटकों की आलोचनात्मक समझ
- विद्यालय प्रबन्धन की व्यवस्था और अन्तर्निहित मान्यताएं : विभिन्न घटक, कार्य संस्कृति, आपदा प्रबन्धन, बाल संसद व मीना मंच की भूमिका।
- विद्यालय के प्रबन्धन से सम्बन्धित दस्तावेजों की समझ : विभिन्न रिकार्ड, संकलन एवं उपयोगिता।
- विद्यालय में दिन की शुरुआत : चेतना सत्र की समझ।
इकाई 2 : विद्यालय में परिवर्तन
- विद्यालय भवन का सृजनात्मक प्रयोग : सीखने सिखाने के माध्यम के रूप में।
- शिक्षा के अधिकार के अन्तर्गत विद्यालयी व्यवस्था में परिवर्तन।
- समावेशी शिक्षा के अनुरूप विद्यालय संगठन व प्रबन्धन। कला समेकित शिक्षा के माध्यम से विद्यालयी परिवेश एवं कक्षायी शिक्षण में बदलाव।
- सूचना व संचार तकनीकी का शिक्षण प्रक्रिया में प्रयोग।
इकाई 3: विद्यालयी शिक्षण की व्यवस्थाएँ
- कक्षाकक्ष शिक्षण की प्रकृति : परम्परागत, बालकेन्द्रित, लोकतान्त्रिक, सृजनात्मक आदि।
- कक्षाकक्ष संचालन : कक्षा की व्यवस्था, कक्षा में सम्प्रेषण एवं सीखने-सिखाने के विविध स्तर।
- सीखने की योजना (लर्निंग प्लान) : अवधारणा, योजना निर्माण, क्रियान्वयन तथा स्वमूल्यांकन।
- पाठ्य-सहगामी व सह-शैक्षिक क्रियाएँ : महत्व, योजना एवं क्रियान्वयन (गतिविधियाँ, कला, खेल इत्यादि)।
- सीखने-सिखाने के दौरान आने वाली प्रमुख चुनौतियाँ तथा अनुपूरक शिक्षण की व्यवस्था।
- विद्यालय में आकलन एवं मूल्यांकन की व्यवस्था : सतत् एवं व्यापक आकलन, प्रगति पत्रक।
इकाई 4: शिक्षक वृत्तिक विकास (प्रोफेशनल डेवलपमेंट)के आयाम
- शिक्षक वृत्तिक विकास : अवधारणा, आवश्यकता, नीतिगत विमर्श व सीमाएँ।
- शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम : आवश्यकता, महत्व, प्रकार व स्वरूप।
- विद्यालय में नेतृत्व व्यवस्था और शिक्षक : प्रशासनिक, सामूहिक, शिक्षणशास्त्रीय, परिवर्तनकारी।
- शिक्षक तनाव प्रबन्धन : अवधारणा, तनाव के कारण एवं निदान।
- शिक्षक के वृत्तिक विकास में स्वाध्याय, लेखन व सहकर्मियों की भूमिका।
इकाई 5 : महत्वपूर्ण शैक्षिक संस्थाएँ, प्रशिक्षण केन्द्र व सरकारी योजनाओं की समीक्षात्मक समझ
-
- विभिन्न संस्थाओं के कार्यों की समझ तथा विद्यालय के सन्दर्भ में उपयोगिता।
- निकटवर्ती जिला स्तरीय संस्थाएँ : संकुल संसाधन केन्द्र (CRC), प्रखण्ड संसाधन केन्द्र (BRC), जिला
- शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), प्रारम्भिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (PTEC)।
- राज्य स्तरीय संस्थाएँ : राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT). बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् (BEPC), बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (BSEB), बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (BSSB), बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (BSMEB), बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (BBOSE)।
- राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएँ : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT), केन्द्रीय माध्यामक शिक्षा बोर्ड (CBSE), राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (NUEPA), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् (NCTE)|
- अन्तर्राष्ट्रीय एवं गैर-सरकारी संस्थाएँ : यूनिसेफ (UNICEF), वर्ल्ड बैंक (World Bank) व अन्य सरकारी संस्थाएँ
- शैक्षिक योजनाओं से प्रमुख पहलुओं से परिचय तथा विद्यालय के सन्दर्भ में उपयोगिता
- सर्व शिक्षा अभियान (SSA)
- राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA)
- समेकित बाल विकास योजना (ICDS)
- उपेक्षित वर्ग के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली विशेष योजनाएँ
F-5 भाषा की समझ तथा आरम्प्राभिक भाषा विकास सिलेबस
Topic भाषा की समझ तथा आरम्प्राभिक भाषा विकास सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-5 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) - इकाई 1 : भाषा की प्रकृति
- इकाई 2 : भाषायी विविधता वहुभाषिकता
- इकाई 3 : बच्चों का आरम्भिक भाषा विकास और विद्यालय में भाषा
इकाई 1 : भाषा की प्रकृति
- * भाषा का अर्थ
- * भाषा : प्रतीकों की वाचिक व्यवस्था के रूप में,
- * समझ के माध्यम के रूप में,
- * सम्प्रेषण के माध्यम के रूप में।
- * मानव भाषा और पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों की भाषा में अन्तर।
- * भाषा की नियमबद्ध व्यवस्था : ध्वनि संरचना, शब्द संरचना, वाक्य संरचना, प्रोक्ति (संवाद) संरचना।
- * भाषा की विशेषताएँ।
इकाई 2 : भाषायी विविधता वहुभाषिकता
- * भारत का बहुभाषिक परिदृश्य : भारत में भाषाएँ एवं भाषा-परिवार।
- * बिहार का बहुभाषिक परिदृश्य।
- * भाषा और बोली।
- * बहुभाषिकता के आयाम : बौद्धिक आयाम, शिक्षणशस्त्रीय आयाम।
- * भाषाओं के सन्दर्भ में संवैधानिक प्रावधान : अनुच्छेद 343-351, आठवीं अनुसूची।
- * बहुभाषिक कक्ष और केस स्टडी।
इकाई 3 : बच्चों का आरम्भिक भाषा विकास और विद्यालय में भाषा
- * बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता तथा बच्चों के भाषाई ज्ञान को समझना
- *विद्यालय आने से पहले बच्चों की भाषायी पूँजी।
- * बच्चे भाषा कैसे सीखते हैं? (स्किनर, चॉमस्की, वायगोत्सकी और पियाजे के विशेष सन्दर्भ में)।
- * भाषा अर्जित करने और भाषा सीखने में अन्तर।
- * विद्यालय में भाषा-विषय के रूप में माध्यम भाषा के रूप में।
- * भाषा सीखने-सिखाने के उद्देश्यों की समझ : कल्पनाशीलता, सृजनशीलता, संवेदनशीलता।
- * भाषा के आधारभूत कौशलों-सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखने का विकास। -शुरुआती पढ़ना-लिखना।
- * लिपि और भाषा।
F-6 शिक्षा में जेंडर एवं समावेशी परिप्रेक्ष सिलेबस
Topic शिक्षा में जेंडर एवं समावेशी परिप्रेक्ष सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-6 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) F-7 गणित का शिक्षण शास्त्र -1 ( प्राथमिक स्तर ) सिलेबस
Topic गणित का शिक्षण शास्त्र -1 ( प्राथमिक स्तर ) सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-7 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) F-8 हिंदी का शिक्षण शास्त्र -1 सिलेबस
Topic हिंदी का शिक्षण शास्त्र -1 सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-8 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) F-9 PROFICIENCY IN ENGLISH SYLLABUS
Topic PROFICIENCY IN ENGLISH SYLLABUS Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-9 Paper Name Hindi PROFICIENCY IN ENGLISH SYLLABUS Paper Name English SAMAJ SHIKSHA AUR PATHCHRYA KI SMJH Syllabus in Hindi Credit 4 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए )
F-10 पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र सिलेबस
Topic पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-10 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) F-11 कला समेकित शिक्षा सिलेबस
Topic कला समेकित शिक्षा सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-11 Credit 4 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) F-12 शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी सिलेबस
Topic शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी सिलेबस Course Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-1 Syllabus Paper Code F-12 FULL MARKS 100 Theory 70 Internal 30 PASS MARKS 45% ( थ्योरी एवं प्रैक्टिकल दोनों में अलग अलग 45 % मार्क्स आना चाहिए ) इकाई 1: शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी का परिचय
इकाई 2 : सूचना एवं संचार तकनीकी के विविध उपकरण
इकाई 3 : सूचना एवं संचार तकनीकी के अन्तर्गत ऑफिस ऑटोमेशन का अनुप्रयोग
इकाई 4 : शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इण्टरनेट
इकाई 5 : प्राथमिक स्तर के विषयों के शिक्षण में आई.सी.टी. का उपयोग
इकाई 1: शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी का परिचय
सूचना तथा संचार तकनीकी की अवधारणा तथा समझ।
सूचना एवंसंचार तकनीकी के विभिन्न अवयव।
शिक्षा में सूचना एवं संचार तकनीकी की उपयोगिता एवं महत्व।
समावेशी शिक्षा के लिए सूचना एवं संचार तकनीकी।
इकाई 2 : सूचना एवं संचार तकनीकी के विविध उपकरण
शिक्षण-अधिगम में ऑडियो-वीडियो, मल्टीमीडिया साधनों की महत्ता तथा उपयोग।
कम्प्यूटर एवं मोबाइल (हैण्डहेल्ड उपकरण) का संक्षिप्त परिचय।
कम्प्यूटर के विभिन्न प्रकार एवं घटक।
कम्प्यूटर : स्मृति, भण्डारण एवं क्लाउड स्टोरेज।
सॉफ्टवेयर के प्रकार।शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कम्प्यूटर एवं मोबाइल की भूमिका।
इकाई 3 : सूचना एवं संचार तकनीकी के अन्तर्गत ऑफिस ऑटोमेशन का अनुप्रयोग
वर्ड प्रोसेसर : कार्य, सामान्य कौशल तथा शैक्षिक महत्व।
स्प्रेडशीट : कार्य, सामान्य कौशल तथा शैक्षिक महत्व।
प्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर : कार्य, सामान्य कौशल तथा शैक्षिक महत्व।कुछ अन्य उपयोगी सॉफ्टवेयर।
इकाई 4 : शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इण्टरनेट
इण्टरनेट : उपयोगिता, शैक्षिक महत्व एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के सन्दर्भ में उपयोग।
विभिन्न प्रकार के ब्राउजर, सर्च इंजन एवं उनकी उपयोगिता।
ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग एवं इण्टरनेट उपयोग में सुरक्षा मूल्यों तथा सिद्धान्त।
ई-लर्निंग एवं ओपेन लर्निंग सिस्टम। ।
ओ.ई.आर. (ओपन एजुकेशनल रिसोर्जेज) : समझ, स्रोत एवं शिक्षण अधिगम में उनका उपयोग।
इकाई 5 : प्राथमिक स्तर के विषयों के शिक्षण में आई.सी.टी. का उपयोग
सीखने की योजना एवं विद्यालय के अन्य कार्य के साथ आई.सी.टी. का एकीकरण।
भाषा, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन में आई.सी.टी. संसाधन का प्रयोग।
मूल्यांकन में आई.सी.टी. का महत्व एवं उपयोग।
समाज, शिक्षा और पाठचर्या की समझ सिलेबस


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- बिहार डी.एल.एड. फर्स्ट ईयर ( F-1 से F-12 ) सभी विषय का सिलेबस
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- सिलेबस डी.एल.एड. फर्स्ट ईयर
- D.El.Ed. 1st Year Syllabus in hindi 2023
- D.El.Ed. 1st Year Syllabus in hindi 2024
- D.El.Ed. 1st Year Syllabus in hindi 2025
- बिहार डी.एल.एड. फर्स्ट ईयर ( F-1 से F-12 ) सभी विषय का सिलेबस
