खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी वन लाइनर प्रश्न-उत्तर
विषय: पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (Library and Information Science)
नीचे खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के ठीक नीचे उसका उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 1. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी कहाँ स्थित है?
उत्तर: पटना, बिहार।
प्रश्न 2. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना किसने की थी?
उत्तर: मौलवी खुदाबख्श खान ने।
प्रश्न 3. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
उत्तर: 1891 ई.।
प्रश्न 4. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी किस प्रकार का पुस्तकालय है?
उत्तर: प्राच्य (Oriental) सार्वजनिक पुस्तकालय।
प्रश्न 5. खुदाबख्श खान के पिता का नाम क्या था?
उत्तर: मौलवी मोहम्मद बख्श खान।
प्रश्न 6. खुदाबख्श खान को अपने पिता से कितनी पांडुलिपियाँ विरासत में मिली थीं?
उत्तर: लगभग 1,400 पांडुलिपियाँ।
प्रश्न 7. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को आम जनता के लिए कब खोला गया था?
उत्तर: 29 अक्टूबर, 1891 को।
प्रश्न 8. पुस्तकालय के सार्वजनिक उद्घाटन के समय इसमें कितनी पांडुलिपियाँ थीं?
उत्तर: लगभग 4,000 पांडुलिपियाँ।
प्रश्न 9. खुदाबख्श खान ने अपनी निजी पुस्तक-संग्रह को किसके लिए समर्पित किया था?
उत्तर: पटना की जनता के लिए।
प्रश्न 10. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को राष्ट्रीय महत्व की संस्था कब घोषित किया गया?
उत्तर: दिसंबर 1969 में।
प्रश्न 11. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को राष्ट्रीय महत्व की संस्था किस अधिनियम के तहत घोषित किया गया?
उत्तर: खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी अधिनियम, 1969।
प्रश्न 12. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी अधिनियम का अधिनियम संख्या क्या है?
उत्तर: अधिनियम संख्या 43, 1969।
प्रश्न 13. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी अधिनियम कब लागू हुआ?
उत्तर: 21 जुलाई, 1970 को।
प्रश्न 14. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी किस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है?
उत्तर: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन।
प्रश्न 15. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का प्रशासन किसके द्वारा संचालित होता है?
उत्तर: खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड द्वारा।
प्रश्न 16. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड का पदेन अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: बिहार का राज्यपाल।
प्रश्न 17. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी किस प्रकार की संस्था है?
उत्तर: स्वायत्त संस्था (Autonomous Institution)।
प्रश्न 18. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में मुख्य रूप से किस प्रकार की सामग्री संरक्षित है?
उत्तर: दुर्लभ पांडुलिपियाँ, मुद्रित पुस्तकें, चित्रकला एवं ऐतिहासिक दस्तावेज।
प्रश्न 19. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी की पांडुलिपियाँ किन प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध हैं?
उत्तर: अरबी, फारसी, उर्दू एवं अन्य भाषाओं में।
प्रश्न 20. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में लगभग कितनी प्राच्य पांडुलिपियाँ संरक्षित हैं?
उत्तर: लगभग 21,000 पांडुलिपियाँ।
प्रश्न 21. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में किस प्रकार की प्राचीन लेखन सामग्री की पांडुलिपियाँ मिलती हैं?
उत्तर: कागज, ताड़पत्र, हिरण की खाल एवं कपड़े पर लिखी पांडुलिपियाँ।
प्रश्न 22. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी किस ऐतिहासिक क्षेत्र की दुर्लभ पांडुलिपियों के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: भारतीय एवं इस्लामी सभ्यता और संस्कृति के इतिहास के लिए।
प्रश्न 23. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में संरक्षित प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ का नाम क्या है?
उत्तर: तारीख-ए-खानदान-ए-तैमूरिया (Tarikh-e-Khandan-e-Timuriyah)।
प्रश्न 24. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में किस प्रसिद्ध कवि की पुस्तक की विशेष प्रति संरक्षित है?
उत्तर: लॉर्ड बायरन की Ode to Napoleon की प्रति।
प्रश्न 25. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में किस शासक की तलवार संरक्षित है?
उत्तर: नादिर शाह की तलवार।
प्रश्न 26. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में संरक्षित लघु कुरान की विशेषता क्या है?
उत्तर: इसकी चौड़ाई लगभग 2.5 मिलीमीटर है।
प्रश्न 27. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी किस महत्वपूर्ण संरक्षण कार्य से संबंधित है?
उत्तर: पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संवर्धन से।
प्रश्न 28. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी में पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए किस प्रकार की सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर: पांडुलिपि संरक्षण केंद्र (Manuscript Conservation Centre)।
प्रश्न 29. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: दुर्लभ पुस्तकों, पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संग्रह, संरक्षण और अध्ययन को प्रोत्साहित करना।
प्रश्न 30. खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह भारत की महत्वपूर्ण प्राच्य पांडुलिपि एवं दुर्लभ पुस्तक संग्रहण संस्थाओं में से एक है।