BIHAR D.El.Ed 1ST YEAR F12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी Previous Year Question Paper

PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER

BIHAR D.El.Ed 1ST YEAR शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी Previous Year Question Paper

Table of Contents

 

Topic  शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी Previous Year Question Paper 
Course  Bihar D.El.Ed. 1st Year Paper-12 Previous Year Question Paper 
Paper Code F-12
Full Marks 40+60=110

BIHAR D.El.Ed 1ST YEAR F12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी 2025 Previous Year Question Paper

खण्ड – क / Section – A
लघु उत्तरीय प्रश्न / Short Answer Type Questions
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य है :
It is compulsory to answer each question :

01. आई० सी० टी० ( ICT ) का उचित उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रुचिकर बनाने में मदद करता है । कैसे ? 5
The right use of ICT helps to make teaching-learning process more interesting. How ?
अथवा (OR)
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में ICT की भूमिका पर प्रकाश डालें ।
Highlight the role of ICT in making teaching-learning process effective.

2. इंटरनेट को स्पष्ट करें । इसका अनुप्रयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कैसे कर सकते हैं ? 5
Explain about internet. How can you use it in teaching-learning process ?
अथवा (OR)
समावेशी शिक्षा में प्रयुक्त किये जाने वाले आई० सी० टी० उपकरणों के बारे में लिखें ।
Write about the ICT tools used in Inclusive Education.

03. कम्प्यूटर के स्मृति एवं भंडारण क्षमता को स्पष्ट करें ।
Explain about the memory and storage capacity of computer.
अथवा (OR)
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कम्प्यूटर के प्रयोग की व्याख्या करें ।
Explain the use of computer in teaching-learning process.

4. माइक्रोसॉफ्ट आफिस क्या है ? इसकी व्याख्या करें ।
What is Microsoft Office? Explain it.
अथवा (OR)
डॉक्यूमेंट्री शो का शिक्षा में कैसे उपयोग किया जा सकता है ?
How can Documentary show be used in education?

5. स्प्रेडशीट की उपयोगिता की व्याख्या करें -5
Explain the usefulness of spreadsheet.
अथवा (OR)
स्लाईड डिजाईनिंग की प्रक्रिया स्पष्ट करें
Explain the process of slide designing.

6. शिक्षण-अधिगम में आडियो-विजुअल एवं मल्टीमीडिया साधनों की महत्ता पर प्रकाश डालें । -5
Highlight the importance of audio-visual and multimedia devices in teaching-learning.
अथवा (OR)
मूल्यांकन में आई० सी० टी० ( ICT ) के महत्त्व पर प्रकाश डालें ।
Highlight the importance of ICT in evaluation

खण्ड – ख / Section – B
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न / Long Answer Type Questions
किसी एक प्रश्न का उत्तर 200 से 250 शब्दों में दें ।
Answer any one question in 200 to 250 words.

7. ई-लर्निंग क्या है ? शिक्षा में ई-लर्निंग की उपयोगिता पर प्रकाश डालें । 10
What is E-learning ? Highlight the utility of E-learning in education.

08. शिक्षण-अधिगम में इंटरनेट की भूमिका पर प्रकाश डालें । इंटरनेट के उपयोग में सुरक्षा के उपायों की चर्चा करें । 10
Highlight the role of Internet in teaching-learning. Discuss the safety measures while using the internet. https://www.bsebstudy.com

9. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें : 2 × 5 = 10
(क) सर्च इंजन
(ख) क्लाउड स्टोरेज
(ग) ओपन लर्निंग सिस्टम
(घ) ई-मेल ।
Write short notes on any two of the following:
(a) Search engine
(b) Cloud storage
(c) Open learning system
(d) E-mail.


BIHAR D.El.Ed 1ST YEAR F12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी 2025 Previous Year Question Paper With Solution 

प्रश्न (01). आई० सी० टी० ( ICT ) का उचित उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रुचिकर बनाने में मदद करता है । कैसे ? 2025

उत्तर –

  • भूमिका
  • आई० सी० टी० ( ICT ) का शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उचित उपयोग
  • निष्कर्ष

भूमिका
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधुनिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी, आकर्षक और छात्र-केंद्रित बनाता है। इसके माध्यम से पारंपरिक शिक्षण को तकनीकी साधनों से जोड़कर छात्रों की रुचि और सहभागिता बढ़ाई जाती है।

आई० सी० टी० ( ICT ) का शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उचित उपयोग

I. दृश्य एवं श्रव्य सामग्री का उपयोग
वीडियो, चित्र, एनिमेशन आदि के माध्यम से विषय को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे छात्र आसानी से समझते हैं और रुचि बनाए रखते हैं।

II. कक्षा में सक्रिय सहभागिता
स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन क्विज़ और डिजिटल गतिविधियों के द्वारा छात्र सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेते हैं, जिससे उनका ध्यान केंद्रित रहता है।

III. व्यक्तिगत भिन्नताओं का ध्यान
ICT के माध्यम से प्रत्येक छात्र अपनी गति और क्षमता के अनुसार सीख सकता है, जिससे सभी को समान अवसर मिलता है।

IV. जटिल विषयों को सरल बनाना
सिमुलेशन और इंटरैक्टिव टूल्स के उपयोग से कठिन अवधारणाओं को सरल और स्पष्ट बनाया जा सकता है।

V. स्व-अध्ययन को प्रोत्साहन
ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स छात्रों को स्वयं सीखने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनकी रुचि बढ़ती है।

VI. नवीन एवं वैश्विक जानकारी तक पहुँच
इंटरनेट के माध्यम से छात्र नवीनतम जानकारी और वैश्विक दृष्टिकोण प्राप्त करते हैं, जिससे उनका ज्ञान व्यापक होता है।

निष्कर्ष

अतः ICT का उचित उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रुचिकर, प्रभावी और आधुनिक बनाता है। यह न केवल छात्रों की समझ को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें सीखने के प्रति प्रेरित भी करता है।




प्रश्न (०१) अथवा

प्रश्न – शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में ICT की भूमिका पर प्रकाश डालें ।-2025
उत्तर –

  • भूमिका
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में ICT की भूमिका
  • निष्कर्ष

भूमिका

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरी है। यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे अधिक प्रभावी, सरल और छात्र-केंद्रित बनाती है। ICT के प्रयोग से शिक्षा में नवीनता, स्पष्टता और सहभागिता का समावेश होता है।

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में ICT की भूमिका

I. शिक्षण को स्पष्ट एवं समझने योग्य बनाना

ICT के माध्यम से शिक्षक वीडियो, चित्र, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन का उपयोग करके जटिल विषयों को सरल और स्पष्ट बना सकते हैं। इससे छात्रों की समझ बेहतर होती है।

II. शिक्षण को रुचिकर एवं आकर्षक बनाना
डिजिटल सामग्री, स्मार्ट क्लास और मल्टीमीडिया के उपयोग से कक्षा का वातावरण रोचक बनता है, जिससे छात्र अधिक ध्यान और रुचि के साथ सीखते हैं।

III. छात्र-केंद्रित अधिगम को बढ़ावा
ICT छात्रों को सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित करता है। वे स्वयं खोज, अभ्यास और सहभागिता के माध्यम से ज्ञान अर्जित करते हैं।

IV. व्यक्तिगत भिन्नताओं का समाधान
प्रत्येक छात्र की सीखने की गति अलग होती है। ICT के माध्यम से छात्र अपनी गति और स्तर के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं, जिससे प्रभावी अधिगम संभव होता है।

V. स्व-अध्ययन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सामग्री और मोबाइल ऐप्स छात्रों को स्वयं सीखने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता विकसित होती है।

VI. त्वरित फीडबैक एवं मूल्यांकन
ऑनलाइन क्विज़, टेस्ट और डिजिटल टूल्स के माध्यम से तुरंत फीडबैक प्राप्त होता है, जिससे छात्र अपनी त्रुटियों को तुरंत सुधार सकते हैं।

VII. अद्यतन एवं वैश्विक ज्ञान तक पहुँच
इंटरनेट के माध्यम से छात्र नवीनतम जानकारी और विश्व स्तर की सामग्री तक पहुँच सकते हैं, जिससे उनका ज्ञान व्यापक और अद्यतन रहता है।

निष्कर्ष

इस प्रकार, ICT शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सुलभ और आधुनिक बनाता है। यह न केवल शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और ज्ञानवान बनने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।टी

प्रश्न (02). इंटरनेट को स्पष्ट करें । इसका अनुप्रयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कैसे कर सकते हैं ?

Explain about internet. How can you use it in teaching-learning process ?

उत्तर –

  • इंटरनेट का अर्थ.
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इंटरनेट का अनुप्रयोग
  • निष्कर्ष

इंटरनेट का अर्थ

इंटरनेट विश्वभर के कंप्यूटरों और नेटवर्कों का एक विशाल वैश्विक जाल (Global Network) है, जो सूचना के आदान-प्रदान, संचार और संसाधनों की साझेदारी को संभव बनाता है। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें विभिन्न उपकरण (जैसे कंप्यूटर, मोबाइल, सर्वर) आपस में जुड़े रहते हैं और उपयोगकर्ता किसी भी स्थान से जानकारी प्राप्त या साझा कर सकता है। इंटरनेट के माध्यम से ई-मेल, वेबसाइट, वीडियो, ऑनलाइन कक्षाएं, सोशल मीडिया आदि सेवाएँ उपलब्ध होती हैं, जिससे ज्ञान तक पहुँच तेज, सरल और व्यापक हो जाती है।

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इंटरनेट का अनुप्रयोग

(I) ज्ञान के व्यापक स्रोत के रूप में

इंटरनेट छात्रों और शिक्षकों के लिए असीमित जानकारी का भंडार है। विभिन्न विषयों से संबंधित लेख, ई-बुक, शोध पत्र, वीडियो आदि आसानी से उपलब्ध होते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया अधिक समृद्ध और अद्यतन बनती है।

(II) ई-लर्निंग एवं ऑनलाइन शिक्षा

इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं, वेबिनार, और डिजिटल कोर्स संचालित किए जा सकते हैं। इससे दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा मिलता है और छात्र कहीं से भी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

(III) शिक्षण सामग्री का विकास

शिक्षक इंटरनेट का उपयोग करके आकर्षक शिक्षण सामग्री जैसे PPT, वीडियो, इन्फोग्राफिक्स आदि तैयार कर सकते हैं, जिससे कक्षा अधिक रोचक और प्रभावी बनती है।

(IV) संचार एवं सहयोग (Communication & Collaboration)

ई-मेल, चैट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि के माध्यम से शिक्षक और छात्र आपस में संवाद कर सकते हैं। समूह कार्य (Group Work) और परियोजना आधारित अधिगम (Project-based Learning) को भी बढ़ावा मिलता है।

(V) स्व-अधिगम (Self Learning) को प्रोत्साहन

इंटरनेट छात्रों को स्वयं सीखने के लिए प्रेरित करता है। वे अपनी रुचि और गति के अनुसार विषयों को समझ सकते हैं, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ती है।

(VI) मूल्यांकन एवं फीडबैक

ऑनलाइन टेस्ट, क्विज़ और असाइनमेंट के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन किया जा सकता है। तुरंत फीडबैक मिलने से सीखने में सुधार होता है।

निष्कर्ष

इंटरनेट ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, लचीला और प्रभावशाली बना दिया है। यह न केवल ज्ञान प्राप्ति को सरल बनाता है, बल्कि शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और नवाचार को भी प्रोत्साहित करता है। इसलिए, शिक्षा के क्षेत्र में इंटरनेट का उचित और संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
अथवा (OR)

प्रश्न- समावेशी शिक्षा में प्रयुक्त किये जाने वाले आई० सी० टी० उपकरणों के बारे में लिखें ।

Write about the ICT tools used in Inclusive Education.
उत्त्तर –

  • भूमिका
  • समावेशी शिक्षा में प्रयुक्त ICT उपकरणों
  • निष्कर्ष

भूमिका

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का उद्देश्य सभी प्रकार के बच्चों—विशेष रूप से दिव्यांग, वंचित तथा विविध पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों—को समान शिक्षण अवसर प्रदान करना है। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ICT उपकरण शिक्षण को सुलभ, रोचक, और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में सहायक होते हैं।

समावेशी शिक्षा में प्रयुक्त ICT उपकरण

(I) सहायक प्रौद्योगिकी (Assistive Technology)

यह उपकरण विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं।
दृष्टिबाधित छात्रों के लिए स्क्रीन रीडर, ब्रेल डिस्प्ले तथा ऑडियो बुक्स उपयोगी होते हैं।
श्रवण बाधित छात्रों के लिए हियरिंग एड और कैप्शनिंग सॉफ्टवेयर उपयोगी हैं।

(II) स्क्रीन रीडर एवं टेक्स्ट-टू-स्पीच सॉफ्टवेयर

यह सॉफ्टवेयर लिखित सामग्री को आवाज़ में बदल देता है, जिससे दृष्टिबाधित या पढ़ने में कठिनाई वाले विद्यार्थी आसानी से सीख सकते हैं।
उदाहरण के रूप में NVDA और JAWS जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है।

(III) स्पीच-टू-टेक्स्ट (Voice Recognition) उपकरण

यह उपकरण बोले गए शब्दों को लिखित रूप में बदलते हैं।
लेखन में कठिनाई वाले विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत सहायक है और उनकी अभिव्यक्ति को आसान बनाता है।

(IV) मल्टीमीडिया उपकरण (Multimedia Tools)

वीडियो, ऑडियो, एनिमेशन, और इंटरैक्टिव कंटेंट के माध्यम से सीखने को अधिक रोचक बनाया जाता है।
यह विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों (visual, auditory learners) के लिए उपयोगी होता है।

(V) ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म एवं मोबाइल एप्स

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्स छात्रों को कहीं भी और कभी भी सीखने की सुविधा देते हैं।
यह व्यक्तिगत गति (self-paced learning) को बढ़ावा देते हैं और समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाते हैं।

(VI) इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड (Smart Board)

यह कक्षा में डिजिटल सामग्री प्रस्तुत करने का आधुनिक माध्यम है, जिससे सभी छात्र सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं।
यह दृश्य और श्रव्य दोनों प्रकार के शिक्षण को संभव बनाता है।

(VII) अनुकूलन (Customization) एवं अनुकूलित सॉफ्टवेयर

ICT के माध्यम से शिक्षण सामग्री को छात्रों की जरूरत के अनुसार बदला जा सकता है—जैसे फ़ॉन्ट साइज, रंग, भाषा आदि।
यह व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करने में सहायक है।

निष्कर्ष

समावेशी शिक्षा में ICT उपकरणों का उपयोग शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और समानतापूर्ण बनाता है। यह न केवल दिव्यांग विद्यार्थियों की सीखने की बाधाओं को कम करता है, बल्कि सभी छात्रों के लिए एक सहयोगात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार करता है। अतः शिक्षा के क्षेत्र में ICT का समुचित उपयोग समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

प्रश्न(03). कम्प्यूटर के स्मृति एवं भंडारण क्षमता को स्पष्ट करें ।

Explain about the memory and storage capacity of computer.

उत्तर –

 

 

अथवा (OR)

प्रश्न.  शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कम्प्यूटर के प्रयोग की व्याख्या करें ।

Explain the use of computer in teaching-learning process.

उत्तर –

 

 

प्रश्न(04). माइक्रोसॉफ्ट आफिस क्या है ? इसकी व्याख्या करें ।

What is Microsoft Office? Explain it.

 

अथवा (OR)

प्रश्न – डॉक्यूमेंट्री शो का शिक्षा में कैसे उपयोग किया जा सकता है ?

How can Documentary show be used in education?

उत्तर

 

 

प्रश्न (05). स्प्रेडशीट की उपयोगिता की व्याख्या करें ?

Explain the usefulness of spreadsheet.

 

 

अथवा (OR)

प्रश्न – स्लाईड डिजाईनिंग की प्रक्रिया स्पष्ट करें

Explain the process of slide designing.

 

 

 

 

प्रश्न (06). शिक्षण-अधिगम में आडियो-विजुअल एवं मल्टीमीडिया साधनों की महत्ता पर प्रकाश डालें ।

Highlight the importance of audio-visual and multimedia devices in teaching-learning.

उत्तर –

 

 

अथवा (OR)

प्रश्न – मूल्यांकन में आई० सी० टी० ( ICT ) के महत्त्व पर प्रकाश डालें ।

Highlight the importance of ICT in evaluation

उत्तर –

अगर आप बिहार डी एल एड फर्स्ट ईयर पेपर f-12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी (SHIKSHA ME SUCHNA AEVM SNCHAR TKNIKI ) की तैयारी कर  रहे है और उसके लिए f-12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी Previous Year Question Paper  (SHIKSHA ME SUCHNA AEVM SNCHAR TKNIKI Previous Year Question Paper ) को देखना चाहते है तो आप सही जगह है क्योकि यहा बिहार डी.एल.एड फर्स्ट ईयर पेपर f-12 शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी का Previous Year Question Paper दिया गया है |

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