कोहलबर्ग सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर
| EXAM | CTET |
| TOPIC | कोहलबर्ग सिद्धांत |
| EXAM DATE | 8 FEB 2026 |
| OFFICIAL WEBSITE | https://ctet.nic.in/ |
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Kohlberg Moral Development Theory Important Question -Answer
प्रश्न 1: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास किस पर आधारित है?
उत्तर: नैतिक तर्कशक्ति (Moral Reasoning) पर।
प्रश्न 2: कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को कितने स्तरों में विभाजित किया है?
उत्तर: तीन स्तरों में।
प्रश्न 3: कोहलबर्ग के सिद्धांत का पहला स्तर क्या कहलाता है?
उत्तर: पूर्व-परंपरागत स्तर (Pre-Conventional Level)।
प्रश्न 4: परंपरागत स्तर (Conventional Level) में नैतिकता किस पर आधारित होती है?
उत्तर: समाज के नियमों और सामाजिक स्वीकृति पर।
प्रश्न 5: कोहलबर्ग का अंतिम स्तर कौन-सा है?
उत्तर: उत्तर-परंपरागत स्तर (Post-Conventional Level)।
प्रश्न 6: कोहलबर्ग के सिद्धांत में नैतिक निर्णय किससे अधिक महत्वपूर्ण माना गया है?
उत्तर: व्यवहार की अपेक्षा तर्क प्रक्रिया।
प्रश्न 7: पूर्व-परंपरागत स्तर में नैतिकता किससे नियंत्रित होती है?
उत्तर: दंड और पुरस्कार से।
प्रश्न 8: ‘स्वार्थ अभिविन्यास’ किस स्तर का चरण है?
उत्तर: पूर्व-परंपरागत स्तर।
प्रश्न 9: परंपरागत स्तर में व्यक्ति किसे प्राथमिकता देता है?
उत्तर: सामाजिक नियमों और अपेक्षाओं को।
प्रश्न 10: ‘कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास’ किस स्तर से संबंधित है?
उत्तर: परंपरागत स्तर।
प्रश्न 11: उत्तर-परंपरागत स्तर में नैतिक निर्णय किस पर आधारित होते हैं?
उत्तर: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों पर।
प्रश्न 12: कोहलबर्ग के अनुसार क्या सभी व्यक्ति अंतिम स्तर तक पहुँचते हैं?
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 13: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस पद्धति पर आधारित है?
उत्तर: दुविधा (Moral Dilemma) विधि पर।
प्रश्न 14: ‘हाइन्ज दुविधा’ का प्रयोग किस उद्देश्य से किया गया?
उत्तर: नैतिक तर्क का अध्ययन करने के लिए।
प्रश्न 15: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़ा है?
उत्तर: संज्ञानात्मक विकासवादी दृष्टिकोण।
प्रश्न 16: कोहलबर्ग किस विद्वान से प्रभावित थे?
उत्तर: जीन पियाजे।
प्रश्न 17: नैतिक विकास में आयु की भूमिका कैसी मानी गई है?
उत्तर: आयु के साथ नैतिक तर्क विकसित होता है।
प्रश्न 18: ‘सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास’ किस स्तर का चरण है?
उत्तर: उत्तर-परंपरागत स्तर।
प्रश्न 19: कोहलबर्ग ने कुल कितने चरण बताए हैं?
उत्तर: छह चरण।
प्रश्न 20: चरण 1 किससे संबंधित है?
उत्तर: दंड और आज्ञाकारिता से।
उत्तर: व्यक्तिगत लाभ पर।
उत्तर: सामाजिक स्वीकृति।
उत्तर: कानून और सामाजिक व्यवस्था।
उत्तर: सामाजिक अनुबंध के रूप में।
उत्तर: आत्मनिर्मित नैतिक सिद्धांतों पर।
उत्तर: नैतिक तर्कशक्ति का विकास।
उत्तर: नैतिक दुविधाएँ प्रस्तुत करनी चाहिए।
उत्तर: किशोरावस्था और उससे ऊपर।
उत्तर: व्यवहार की उपेक्षा।प्रश्न 30: इस सिद्धांत की आलोचना किस आधार पर हुई?
उत्तर: सांस्कृतिक पक्षपात के कारण।
प्रश्न 31: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास क्रमिक होता है या अचानक?
उत्तर: क्रमिक।
प्रश्न 32: क्या कोई चरण छोड़ा जा सकता है?
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 33: नैतिक तर्क का विकास किस प्रकार होता है?
उत्तर: अनुभव और चिंतन से।
प्रश्न 34: कोहलबर्ग का सिद्धांत विद्यालयी शिक्षा में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: नैतिक शिक्षा के लिए।
प्रश्न 35: नैतिक दुविधा का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: सोचने और तर्क करने की क्षमता बढ़ाना।
प्रश्न 36: परंपरागत स्तर में अधिकांश वयस्क क्यों पाए जाते हैं?
उत्तर: सामाजिक नियमों का पालन करने के कारण।
प्रश्न 37: उत्तर-परंपरागत स्तर क्यों दुर्लभ है?
उत्तर: उच्च नैतिक चिंतन की आवश्यकता के कारण।
प्रश्न 38: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता का स्रोत क्या है?
उत्तर: तर्कशील सोच।
प्रश्न 39: नैतिक विकास का संबंध किससे नहीं है?
उत्तर: केवल दंड से।
प्रश्न 40: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस विषय से संबंधित है?
उत्तर: विकासात्मक मनोविज्ञान।
उत्तर: साक्षात्कार विधि से।
उत्तर: निर्णय सोच पर, व्यवहार क्रिया पर आधारित होता है।
उत्तर: तर्क अभिव्यक्ति में सहायक।
उत्तर: विकसित होती है।
उत्तर: तर्क क्षमता बढ़ाने के लिए।
उत्तर: उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर।
उत्तर: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों का पालन।
उत्तर: CTET / TET।
प्रश्न 49: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता स्थिर है या परिवर्तनशील?
उत्तर: परिवर्तनशील।
प्रश्न 50: कोहलबर्ग का सिद्धांत शिक्षक के लिए क्यों उपयोगी है?
उत्तर: विद्यार्थियों के नैतिक स्तर को समझने हेतु।
प्रश्न 51: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का संबंध किससे सबसे अधिक है?
उत्तर: संज्ञानात्मक विकास से।
प्रश्न 52: नैतिक दुविधा विधि का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: नैतिक तर्क की जाँच करना।
प्रश्न 53: कोहलबर्ग के सिद्धांत में चरणों का क्रम कैसा होता है?
उत्तर: निश्चित और अपरिवर्तनीय।
प्रश्न 54: क्या व्यक्ति किसी भी स्तर से नैतिक निर्णय ले सकता है?
उत्तर: नहीं, अपने वर्तमान स्तर के अनुसार।
प्रश्न 55: पूर्व-परंपरागत स्तर के बच्चों का नैतिक व्यवहार किससे प्रेरित होता है?
उत्तर: दंड और पुरस्कार से।
प्रश्न 56: ‘स्वार्थ आधारित नैतिकता’ किस चरण से संबंधित है?
उत्तर: चरण 2।
प्रश्न 57: ‘सामाजिक स्वीकृति’ किस चरण का प्रमुख आधार है?
उत्तर: चरण 3।
प्रश्न 58: ‘कानून पालन’ किस चरण की विशेषता है?
उत्तर: चरण 4।
प्रश्न 59: सामाजिक अनुबंध की अवधारणा किस चरण में आती है?
उत्तर: चरण 5।
प्रश्न 60: आत्मनिर्मित नैतिक सिद्धांत किस चरण से जुड़े हैं?
उत्तर: चरण 6।
उत्तर: संज्ञानात्मक परिपक्वता से।
उत्तर: द्वितीयक।
उत्तर: कैरल गिलिगन।
उत्तर: लैंगिक पक्षपात।
उत्तर: काल्पनिक नैतिक दुविधाओं का।
उत्तर: चरणात्मक (Stage Model)।
उत्तर: सहायक।
उत्तर: तर्कशील विवेक।प्रश्न 69: नैतिक विकास में संस्कृति की भूमिका कैसी मानी गई है?
उत्तर: सीमित।
प्रश्न 70: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस पर बल देता है?
उत्तर: न्याय और अधिकारों पर।
प्रश्न 71: नैतिक शिक्षा में शिक्षक की भूमिका क्या होनी चाहिए?
उत्तर: मार्गदर्शक की।
प्रश्न 72: नैतिक विकास में चर्चा पद्धति क्यों उपयोगी है?
उत्तर: उच्च स्तरीय तर्क को प्रोत्साहित करने के लिए।
प्रश्न 73: नैतिक तर्क के विकास में सहपाठी समूह की भूमिका क्या है?
उत्तर: महत्वपूर्ण।
प्रश्न 74: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का मापन कैसे किया जाता है?
उत्तर: तर्क के आधार पर।
प्रश्न 75: नैतिक निर्णय और सामाजिक नियमों में क्या संबंध है?
उत्तर: स्तर के अनुसार बदलता है।
प्रश्न 76: कोहलबर्ग के अनुसार अधिकांश लोग किस स्तर पर रहते हैं?
उत्तर: परंपरागत स्तर।
प्रश्न 77: उत्तर-परंपरागत स्तर में व्यक्ति क्या करता है?
उत्तर: नियमों का मूल्यांकन करता है।
प्रश्न 78: कोहलबर्ग के सिद्धांत का मुख्य शैक्षिक निहितार्थ क्या है?
उत्तर: नैतिक चिंतन का विकास।
प्रश्न 79: नैतिक दुविधाओं का प्रयोग किस विषय में अधिक होता है?
उत्तर: मूल्य शिक्षा में।
प्रश्न 80: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है?
उत्तर: CTET / TET।
प्रश्न 81: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का क्रम क्यों स्थिर है?
उत्तर: संज्ञानात्मक संरचना के कारण।
उत्तर: सहायक लेकिन निर्णायक नहीं।
उत्तर: नैतिकता आंतरिक, कानून बाह्य।
उत्तर: कांट का नैतिक दर्शन।
उत्तर: चरित्र निर्माण।
उत्तर: संभव है, पर सीमित।
प्रश्न 87: नैतिक शिक्षा में दंड की भूमिका कैसी होनी चाहिए?
उत्तर: न्यूनतम।
प्रश्न 88: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस प्रकार के नैतिक निर्णय को महत्व देता है?
उत्तर: तर्कसंगत निर्णय।
प्रश्न 89: नैतिक विकास में भावनाओं की उपेक्षा क्यों की गई?
उत्तर: तर्क पर अधिक बल देने के कारण।
प्रश्न 90: कोहलबर्ग के सिद्धांत का उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
उत्तर: शिक्षा और मनोविज्ञान में।
प्रश्न 91: नैतिक तर्क का उच्चतम रूप क्या है?
उत्तर: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत।
प्रश्न 92: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक निर्णय का मूल्यांकन कैसे किया जाता है?
उत्तर: तर्क की गुणवत्ता से।
प्रश्न 93: नैतिक विकास में आत्मचिंतन की भूमिका क्या है?
उत्तर: अत्यंत महत्वपूर्ण।
प्रश्न 94: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस आयाम पर केंद्रित है?
उत्तर: संज्ञानात्मक।
प्रश्न 95: नैतिक विकास का सामाजिक उद्देश्य क्या है?
उत्तर: न्यायपूर्ण समाज।
प्रश्न 96: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक शिक्षा का सर्वोत्तम साधन क्या है?
उत्तर: नैतिक चर्चा।
प्रश्न 97: कोहलबर्ग के सिद्धांत की सबसे बड़ी सीमा क्या मानी जाती है?
उत्तर: व्यवहार की अनदेखी।
प्रश्न 98: नैतिक विकास में आदर्श व्यक्तियों की भूमिका क्या है?
उत्तर: प्रेरक।
प्रश्न 99: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस स्तर के शिक्षार्थियों के लिए कम उपयुक्त है?
उत्तर: प्रारंभिक बाल्यावस्था।
प्रश्न 100: कोहलबर्ग के सिद्धांत का केंद्रीय विचार क्या है?
उत्तर: नैतिकता तर्क द्वारा विकसित होती है।
प्रश्न 100: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता का विकास किस प्रकार होता है?
उत्तर: चरणबद्ध एवं क्रमिक रूप से।
प्रश्न 101: नैतिक विकास में सबसे पहला स्तर कौन-सा है?
उत्तर: पूर्व-परंपरागत स्तर।
उत्तर: दंड और पुरस्कार से।
उत्तर: चरण 1।
उत्तर: चरण 2।
उत्तर: सामाजिक नियम और अपेक्षाएँ।
उत्तर: चरण 3।
प्रश्न 107: कानून पालन किस चरण की पहचान है?
उत्तर: चरण 4।
प्रश्न 108: उत्तर-परंपरागत स्तर में नैतिकता किस पर आधारित होती है?
उत्तर: सिद्धांतों और मूल्यों पर।
प्रश्न 109: सामाजिक अनुबंध किस चरण में आता है?
उत्तर: चरण 5।
प्रश्न 110: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत किस चरण की विशेषता हैं?
उत्तर: चरण 6।
प्रश्न 111: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस प्रकार का सिद्धांत है?
उत्तर: संज्ञानात्मक-विकासात्मक।
प्रश्न 112: कोहलबर्ग का अध्ययन मुख्यतः किस विधि पर आधारित था?
उत्तर: नैतिक दुविधा विधि।
प्रश्न 113: ‘हाइन्ज दुविधा’ का संबंध किससे है?
उत्तर: नैतिक तर्क से।
प्रश्न 114: नैतिक निर्णय में व्यवहार से अधिक क्या महत्वपूर्ण है?
उत्तर: तर्क प्रक्रिया।
प्रश्न 115: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास में भावना की भूमिका कैसी है?
उत्तर: गौण।
प्रश्न 116: कोहलबर्ग किस मनोवैज्ञानिक से प्रभावित थे?
उत्तर: जीन पियाजे।
प्रश्न 117: नैतिक विकास का क्रम बदला जा सकता है या नहीं?
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 118: क्या कोई चरण छोड़ा जा सकता है?
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 119: नैतिक विकास किस आयु में अधिक स्पष्ट होता है?
उत्तर: किशोरावस्था में।
प्रश्न 120: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस विषय से संबंधित है?
उत्तर: विकासात्मक मनोविज्ञान।
उत्तर: नैतिक तर्क का विकास।
उत्तर: नैतिक दुविधाएँ प्रस्तुत कर सकता है।
उत्तर: परंपरागत स्तर।
उत्तर: उच्च नैतिक चिंतन के कारण।
उत्तर: सहायक।
उत्तर: तर्क की गुणवत्ता से।
उत्तर: न्याय।प्रश्न 128: नैतिक विकास में संस्कृति की भूमिका कैसी मानी गई है?
उत्तर: सीमित।
प्रश्न 129: कोहलबर्ग के सिद्धांत की प्रमुख आलोचना किसने की?
उत्तर: कैरल गिलिगन।
प्रश्न 130: गिलिगन ने किस आधार पर आलोचना की?
उत्तर: लैंगिक पक्षपात।
प्रश्न 131: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस प्रकार का मॉडल है?
उत्तर: चरणात्मक मॉडल।
प्रश्न 132: नैतिकता और कानून में क्या अंतर है?
उत्तर: नैतिकता आंतरिक, कानून बाह्य।
प्रश्न 133: नैतिक विकास का संबंध किससे अधिक है?
उत्तर: संज्ञानात्मक परिपक्वता से।
प्रश्न 134: नैतिक शिक्षा का सर्वोत्तम साधन क्या माना गया है?
उत्तर: चर्चा विधि।
प्रश्न 135: कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता सीखी जाती है या विकसित होती है?
उत्तर: विकसित होती है।
प्रश्न 136: नैतिक विकास जीवन भर संभव है या नहीं?
उत्तर: संभव है, पर सीमित।
प्रश्न 137: नैतिक दुविधा का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: उच्च स्तरीय तर्क को प्रेरित करना।
प्रश्न 138: नैतिक विकास में भाषा की भूमिका क्या है?
उत्तर: तर्क अभिव्यक्ति में सहायक।
प्रश्न 139: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस आयु वर्ग के लिए कम उपयुक्त है?
उत्तर: प्रारंभिक बाल्यावस्था।
प्रश्न 140: नैतिक विकास का अंतिम लक्ष्य क्या है?
उत्तर: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत।
प्रश्न 141: नैतिक शिक्षा में दंड की भूमिका कैसी होनी चाहिए?
उत्तर: न्यूनतम।
उत्तर: निर्णय तर्क पर आधारित होता है।
उत्तर: CTET / TET।
उत्तर: न्यायपूर्ण समाज।
उत्तर: कांट का नैतिक दर्शन।
उत्तर: सहायक।
उत्तर: सार्वभौमिक सिद्धांत आधारित तर्क।
उत्तर: तर्कशील विवेक।प्रश्न 149: नैतिक शिक्षा में शिक्षक की भूमिका क्या है?
उत्तर: मार्गदर्शक।
प्रश्न 150: कोहलबर्ग के सिद्धांत की सबसे बड़ी सीमा क्या है?
उत्तर: व्यवहार की उपेक्षा।
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