Language across the Curriculum vvi Question Answer
| SUBJECT | Language across the Curriculum |
| COURSE | B.Ed. 1st YEAR |
| TOTAL MARKS | 40+10= 50 |
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LANGUAGE ACROSS THE CURRICULAM VVI QUESTION ANSWER
प्रश्न-१ मातृभाषा एवं राष्ट्रीय भाषा में क्या अंतर है?
उत्तर –
- भूमिका
- मातृभाषा (Mother Tongue)
- राष्ट्रीय भाषा (National Language)
- मातृभाषा एवं राष्ट्रीय भाषा में अंतर
- निष्कर्ष
भूमिका-
भाषा मानव के विचारों, भावनाओं और ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में विभिन्न भाषाओं का प्रयोग करता है, जिनमें मातृभाषा और राष्ट्रीय भाषा का विशेष स्थान होता है। मातृभाषा व्यक्ति के व्यक्तिगत विकास और भावनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी होती है, जबकि राष्ट्रीय भाषा देश की एकता और पहचान का प्रतीक होती है। इन दोनों के स्वरूप, कार्य और महत्व में स्पष्ट अंतर पाया जाता है।
1. मातृभाषा (Mother Tongue)
मातृभाषा वह भाषा होती है जिसे बच्चा जन्म के बाद अपने परिवार एवं परिवेश से स्वाभाविक रूप से सीखता है।
विशेषताएँ:
- यह पहली सीखी गई भाषा होती है
- भावनात्मक जुड़ाव सबसे अधिक होता है
- विचारों की अभिव्यक्ति सहज होती है
- व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में सहायक
- उदाहरण: हिंदी, बंगाली, तमिल, भोजपुरी आदि
2. राष्ट्रीय भाषा (National Language)
राष्ट्रीय भाषा वह भाषा होती है जो किसी राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक होती है।
विशेषताएँ:
- पूरे देश में संचार का माध्यम
- राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देती है
- प्रशासन एवं शिक्षा में उपयोगी
- सभी नागरिकों द्वारा समझी जाने वाली भाषा
उदाहरण: भारत में हिंदी को सामान्यतः राष्ट्रीय भाषा के रूप में माना जाता है (संवैधानिक रूप से “राजभाषा” शब्द प्रयुक्त है)
3. मातृभाषा एवं राष्ट्रीय भाषा में अंतर
| आधार | मातृभाषा | राष्ट्रीय भाषा |
|---|---|---|
| परिभाषा | जन्म के बाद सीखी गई पहली भाषा | राष्ट्र की पहचान की भाषा |
| सीखने का माध्यम | परिवार एवं परिवेश | शिक्षा एवं समाज |
| उपयोग क्षेत्र | व्यक्तिगत/घरेलू | राष्ट्रीय स्तर |
| भावनात्मक संबंध | अत्यधिक | अपेक्षाकृत कम |
| उदाहरण | क्षेत्रीय भाषाएँ | हिंदी (भारत में) |
निष्कर्ष
अतः स्पष्ट है कि मातृभाषा व्यक्ति के मानसिक एवं भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जबकि राष्ट्रीय भाषा देश की एकता और सामूहिक पहचान को सुदृढ़ करती है। शिक्षा के क्षेत्र में दोनों भाषाओं का संतुलित और समन्वित उपयोग अत्यंत आवश्यक है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों का समग्र विकास संभव हो सके।
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प्रश्न -4
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