LEARNING AND TEACHING PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER WITH ANSWER

QUESTION PAPER LEARNING AND TEACHING WITH ANSWER

QUESTION PAPER LEARNING AND TEACHING WITH SOLUTION

TOPIC B.Ed PRIEVIOUS YEAR QUESTION PAPER
COURSE  B.Ed
UNIERSITY MAGADH UNIVERSITY
YEAR B.Ed 1st YEAR
PAPER  03 Learning and Teaching
SESSION 2022-24, Exam -2023
FULL MARKS 80+20=100

VVI NOTES के ईस पेज में MAGADH UNIVERSITY B.Ed 1ST YEAR PAPER LEARNING AND TEACHING 2023 PREVIOUS YEAR SAMPLE PAPER WITH ANSWER दिया गया है |

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LEARNING AND TEACHING 2023 PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER WITH ANSWER

खण्ड – अ (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
1. Answer any five questions of the following:
निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दें । 10×5=50

 

1(a) Q- Explain the cognitive theory of Piaget.

1(a) प्रश्न- पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धांत को विस्तर से समझायें | 2023

उत्तर –
भूमिका

पियाजे एक स्विस मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने बालक के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास को वैज्ञानिक आधार पर समझाया। उनके अनुसार बालक ज्ञान का निष्क्रिय ग्रहणकर्ता नहीं होता, बल्कि वह अपने अनुभवों और परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करता है। इसे निर्माणवादी दृष्टिकोण (Constructivism) कहा जाता है।

मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts)

स्कीमा (Schema)
मानसिक संरचना या ढाँचा जिसके माध्यम से बालक नई जानकारी को समझता है।

अभिग्रहण (Assimilation)
नई जानकारी को पूर्व स्कीमा में समाहित करना।

समायोजन (Accommodation)
नई जानकारी के अनुसार स्कीमा में परिवर्तन करना।

संतुलन (Equilibration)
अभिग्रहण और समायोजन के बीच संतुलन स्थापित करना। यही प्रक्रिया बौद्धिक विकास को आगे बढ़ाती है।

संज्ञानात्मक विकास के चार चरण

1. संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) — जन्म से 2 वर्ष तक

  • शिशु इन्द्रियों और क्रियाओं के माध्यम से संसार को समझता है।
  • वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) का विकास – वस्तु आँखों से ओझल होने पर भी अस्तित्व में रहती है।

2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) — 2 से 7 वर्ष

  • प्रतीकों और भाषा का विकास।
  • अहंकेन्द्रिता (Egocentrism) – बालक दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ।
  • संरक्षण (Conservation) की अवधारणा का अभाव।

3. ठोस संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) — 7 से 11 वर्ष

  • तर्कसंगत चिंतन का विकास, परंतु केवल ठोस वस्तुओं तक सीमित।
  • संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण और क्रमबद्धता (Seriation) की क्षमता विकसित।

4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) — 11 वर्ष से आगे

  • अमूर्त (Abstract) चिंतन और परिकल्पना आधारित तर्क।
  • समस्या समाधान में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रयोग।

शैक्षिक महत्व (Educational Implications)

शिक्षण बालक की आयु और मानसिक स्तर के अनुरूप होना चाहिए।

प्रत्यक्ष अनुभव एवं क्रियात्मक अधिगम (Activity Based Learning) को महत्व देना चाहिए।

ठोस सामग्री (TLM) का प्रयोग विशेषकर प्राथमिक स्तर पर आवश्यक है।

शिक्षक मार्गदर्शक (Facilitator) की भूमिका निभाए।

खोज आधारित शिक्षण (Discovery Learning) को बढ़ावा देना चाहिए।

आलोचना (Criticism)

सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों की उपेक्षा।

सभी बच्चों का विकास एक समान गति से नहीं होता।

कुछ शोधों में पाया गया कि बालक कुछ क्षमताएँ अपेक्षित आयु से पहले विकसित कर लेते हैं।

निष्कर्ष

पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत बाल मनोविज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत ने यह स्पष्ट किया कि बालक का बौद्धिक विकास चरणबद्ध होता है तथा शिक्षण प्रक्रिया बालक की मानसिक परिपक्वता के अनुरूप होनी चाहिए। बी.एड. स्तर पर यह सिद्धांत शिक्षण-शिक्षण विधियों को समझने के लिए आधारभूत माना जाता है।

1(b) Q- Discuss the importance of NCF-2005.

1(b) प्रश्न- NCF-2005 के महत्व की विवेचना करें।

उत्तर –

 

 

1(c) Q- Write the meaning and theories of transfer of learning.

1(c) प्रश्न- अधिगम के हस्तान्तरण के अर्थ एवं सिद्धांतों को बताएं ।

उत्तर –

 

1(d) Q-  How the socio-culture give the impact on learning ? Explain with example.
1(d) प्रश्न- अधिगम में किस प्रकार सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव पड़ता है ? उदाहरण के साथ समझायें ।

1(e) Q- Write about the concept and theories of motivation.
1(e) प्रश्न- अभिप्रेरणा के संप्रत्यय एवं सिद्धांतों को बताएँ ।

 

1(f) Q- What are the need of professional growth of teacher ?
1(f) प्रश्न- शिक्षक के व्यवसायिक विकास के क्या महत्व है,बताएँ ।

 

1(g) Q-  Describe the types of learning.
1(g) प्रश्न- अधिगम के प्रकार को विस्तृत कर लिखें।

 

 

1(h) Q- Who has given the insight theory of learning ? Explain the theory.
1(h) प्रश्न- सूक्ष्म के सिद्धांत किसने दिया है ? सिद्धांत की व्याख्या करें।

खण्ड – ब (लघु उत्तरीय प्रश्न)

2. Answer any four questions of the following:
निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें । 5×4=20

2(a) Q- Write the difference between knowledge and skills.
2(a) प्रश्न-  ज्ञान एवं दक्षता में अंतर लिखें ।

2(b) Q- What do you mean by inquiry based learning ?
2(b) प्रश्न-खोज आधारित आधिगम से आप क्या समझते हैं?

2(c)Q-  Multiple responsibilities in instituional setting.

2(c) प्रश्न-संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही ।

उत्तर-

1. भूमिका

2. संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही का अर्थ

3. संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही के मुख्य आयाम

4. शिक्षा में बहुआयामी जवाबदेही का महत्व

5. निष्कर्ष

1. भूमिका

संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही से तात्पर्य किसी संस्था की ऐसी जिम्मेदारी से है जिसमें वह अपने कार्यों, निर्णयों तथा परिणामों के लिए समाज, सरकार, हितधारकों और स्वयं संस्था के भीतर के सदस्यों के प्रति उत्तरदायी होती है। शिक्षा के क्षेत्र में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही का अर्थ

संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही का अर्थ है कि कोई भी संस्था केवल एक पक्ष के प्रति ही नहीं बल्कि अनेक स्तरों और विभिन्न हितधारकों के प्रति जवाबदेह होती है। इसमें प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, वित्तीय तथा नैतिक जिम्मेदारियाँ शामिल होती हैं।

3. संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही के मुख्य आयाम

(i) प्रशासनिक जवाबदेही (Administrative Accountability)

  • संस्था का प्रबंधन, नियमों का पालन और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करना।
  • विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाध्यापक तथा प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी।

(ii) शैक्षणिक जवाबदेही (Academic Accountability)

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।
  • पाठ्यक्रम का उचित क्रियान्वयन, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और विद्यार्थियों के परिणामों के प्रति जिम्मेदारी।

(iii) वित्तीय जवाबदेही (Financial Accountability)

  • संस्था के धन और संसाधनों का सही और पारदर्शी उपयोग।
  • सरकारी अनुदान, शुल्क और अन्य वित्तीय संसाधनों का उचित प्रबंधन।

(iv) सामाजिक जवाबदेही (Social Accountability)

  • समाज के प्रति संस्था की जिम्मेदारी।
  • शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना।

(v) नैतिक जवाबदेही (Moral / Ethical Accountability)

शिक्षकों और प्रबंधन द्वारा नैतिक मूल्यों, अनुशासन और ईमानदारी का पालन करना।

4. शिक्षा में बहुआयामी जवाबदेही का महत्व

  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
  • संस्था में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है।
  • विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायता मिलती है।
  • समाज और संस्था के बीच बेहतर संबंध स्थापित होते हैं।

5. निष्कर्ष

इस प्रकार संस्थागत बहुआयामी जवाबदेही किसी भी शैक्षणिक संस्था के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह संस्था को प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय और सामाजिक सभी स्तरों पर उत्तरदायी बनाती है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनती है।

2(d) Q- Write about the humanistic principles of learning.

2(d) प्रश्न-अधिगम के मानवतावादी सिद्धांत को लिखें ।

उत्तर-

2(e)Q- Write the factor influencing learning.
2(e) प्रश्न- अधिगम को प्रभावित करणे वाले तत्वों को बताएँ ।

 

2(f) Q-  Write about the concept regarding knowledge learning in school and outside of school.

2(f) प्रश्न-विद्यालयी ज्ञान तथा विद्यालय के वाह्य ज्ञान के संप्रत्यय को स्पष्ट करें। 2023

उत्तर-

1. भूमिका

शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया जाता है—विद्यालयी ज्ञान और विद्यालय के बाह्य ज्ञान। ये दोनों ज्ञान विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं व्यावहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. विद्यालयी ज्ञान (School Knowledge)

विद्यालय में पाठ्यक्रम, पाठ्य-पुस्तकों और शिक्षक के माध्यम से जो ज्ञान दिया जाता है, उसे विद्यालयी ज्ञान कहते हैं। यह ज्ञान संगठित, व्यवस्थित और औपचारिक होता है।

मुख्य विशेषताएँ

  1. यह पाठ्यक्रम और पाठ्य-पुस्तकों पर आधारित होता है।

  2. इसे नियोजित और व्यवस्थित तरीके से पढ़ाया जाता है।

  3. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान और बौद्धिक विकास प्रदान करना है।

  4. उदाहरण – गणित, विज्ञान, इतिहास, भाषा आदि विषयों का ज्ञान।

3. विद्यालय के बाह्य ज्ञान (Out-of-school Knowledge)

विद्यालय के बाहर परिवार, समाज, संस्कृति, मीडिया और दैनिक जीवन के अनुभवों से प्राप्त होने वाले ज्ञान को विद्यालय के बाह्य ज्ञान कहा जाता है।

मुख्य विशेषताएँ

  1. यह अनौपचारिक और अनुभव आधारित होता है।

  2. यह परिवार, समाज और जीवन के अनुभवों से प्राप्त होता है।

  3. यह विद्यार्थियों के व्यावहारिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है।

  4. उदाहरण – सामाजिक व्यवहार, परंपराएँ, नैतिक मूल्य, जीवन कौशल आदि।

4. विद्यालयी ज्ञान और बाह्य ज्ञान का संबंध

विद्यालयी ज्ञान और बाह्य ज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि शिक्षक विद्यार्थियों के बाह्य अनुभवों को कक्षा के ज्ञान से जोड़ देता है, तो अधिगम अधिक सार्थक और प्रभावी हो जाता है।

5. निष्कर्ष

अतः कहा जा सकता है कि विद्यालयी ज्ञान विद्यार्थियों को सैद्धांतिक और व्यवस्थित ज्ञान देता है, जबकि विद्यालय के बाह्य ज्ञान से उन्हें व्यावहारिक अनुभव और सामाजिक समझ प्राप्त होती है। दोनों के समन्वय से शिक्षा अधिक प्रभावी बनती है।

 

खण्ड- स (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

3.निम्नलिखित में से सही उत्तर का चयन करें : 1 × 10 = 10

(a) Assessment for learning means :
3(a) प्रश्न  सीखने के लिए मूल्यांकन का अर्थ है :

(i) Formative assessment
(i) रचनात्मक मूल्यांकन

(ii) Summative assessment
योगात्मक मूल्यांकन
(iii) Self-assessment
आत्म- मूल्यांकन
(iv) Term assessment
पह-मूल्यांकन

(b) The word ‘pedagogy’ means :
पेडागोजी शब्द का अर्थ है :

(i) To guide the child
3(a) प्रश्न- बच्चे का मार्गदर्शन करना

(ii) To lead he child
बच्चे का नेतृत्व करना
(iii) To educate the child
बच्चे को शिक्षित करना
(iv) To understand the child
बच्चे को समझना

 

(c) Why is teacher education necessary ?
शिक्षक शिक्षा क्यों आवश्यक है ?

(i) To understand school organisation
स्कूल संगठन को समझने के लिए
(ii) To upgrade context knowledge
विषय ज्ञान का उन्नयन करने के लिए
(iii) To increase teacher skills
शिक्षण कौशल बढ़ने के लिये
(iv) All of the above
उपर्युक्त सभी

 

(d) What is the biggest advantage of interaction between the teacher and the student ?
शिक्षक और छात्रों के बीच अतंःक्रिया का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

(i) It satisfies the teacher
यह शिक्षक को संतुष्ट करत है
(ii) It fascilitates effective learning
यह प्रभावी अधिगम की सुविधा प्रदान करता है
(iii) It resuls in better group creation
यह बेहतर समूह निर्माण करता है
(iv) I encourages the students to ask question
यह छात्रों को प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करता है।

 

(e) Basics of a comprehensive assessment are :
व्यापक कि मूल्यांकन के आधार है :
(i) Written exam
लिखित परिक्षा
(ii) Oral exam
मौखिक परिक्षा
(iii) Both (i) & (ii)
(i) और (ii) दोनों
(iv) None of the above
उपर्युक्त में कोई नहीं

 

(f) In which year was the first psychological laboratory built ?
प्रथम मनोबैज्ञानिक प्रयोगशाला का निर्माण किस सन में हुआ ?
(i) 1879
(ii) 1869
(iii) 1889
(iv) 1878

(g) Problematic child is :
समस्याग्रस्त बालक है :

(i) Who steals
चोरी करने वाला
(ii) Who is lier
झूट बोलने वाला
(iii) Who disobeyed parents
माता पिता का कहना न मानने वाला
(iv) All of the above
उपरोक्त सभी

(h) What is the use of text book in a class ?
कक्षा में पाठ्य पुस्तक का उपयोग क्या है :

(i) Set new standard
नये मानक स्थापित करना

(ii) To delimit what is to be taught
जो सिखाया जाना है उसे परिसीमित करना
(iii) To explain ideas and concepts
विचारों और अवधारणाओं को समझने के लिये
(iv) To achieved learning objectives
अधिगम उद्देश्यों को प्राप्त करना

 

(i) Theory of operent conditioning is given by :
क्रिया प्रसूत अनुबंध का सिद्धांत किसके द्वारा दिया गया ?
(i) Pavlav
पावलव
(ii) Watson
वाटसन
(iii) Skinner
स्कीनर
(iv) Thorndike
थार्नडाइक

(j) ed at a tady miles oT)
A teacher ask the question in the class
to :

एक शिक्षक कक्षा में प्रश्न पूछता है :

(i) To keep students busy

छात्रों को व्यस्त रखने के लिये
(ii) To maintain discipline
अनुशासन बनाए रखने के लिए
(iii) To attract student’s attenion
छात्र का ध्यान आकर्षित करने के लिये
(iv) To teach
पढ़ाने के लिये

 

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