CTET EVS BIRD OBJECTIVE QUESTION

CTET EVS BIRD OBJECTIVE QUESTION

CROW OBJECTIVE QUESTION FOR CTET EVS

 

कौवा से सम्बन्धित CTET में आनेवाले प्रश्न+

 

  • कौवा का मुख्य आहार छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े, अनाज के बीज, मांस तथा फल होता हैं।
  • स्वीडन में कौवे को मृत लोगों की आत्मा माना जाता है।
  • कौआ भी इंसान की तरह किसी के चेहरे को याद रख सकता है।
  • नीदरलैंड देश में कौआ पक्षी को प्रशिक्षण देकर उनसे सफाई का काम करवाया जाता है।
  • कौवा को गुजराती में “कागला”, मारवाडी में “हाडा” तथा पंजाबी में ‘कागा’ नाम से जाना जाता है
  • कौवे अपना घोसला सूखी तथा पतली टहनियों के द्वारा किसी ऊँची डाल पर बनाते हैं।

 SIBERIAN CRANE BIRD OBJECTIVE QUESTION CTET EVS EXAM

 

साईबेरियन क्रेन से सम्बन्धित CTET में आने वाले प्रश्न

  • साइबेरियन क्रेन (Leucogeranus leucogeranus) साइबेरियन ह्वाइट क्रेन या स्नो क्रेन (हिम सारस) के नाम से भी जाने जाते हैं
  • राजस्थान का भरतपुर पक्षी अभयारण्य प्रवासी साइबेरियन क्रेन के लिए प्रसिद्ध है।
  • इसकी आंखों का रंग पीला होता है जबकि पैर और पंजों का रंग लाल होता है।

 

GAURAIYA BIRD BIRD OBJECTIVE QUESTION CTET  EVS EXAM

                                                                 

   👇👇 गौरया से सम्बन्धित CTET में आनेवाले प्रश्न 👇👇

  • गौरैया का वैज्ञानिक नाम पैसर डोमेस्टिकस (Passer domesticus) है,
  • ये पक्षियों के पैसर वंश की एक जीववैज्ञानिक जाति है.
  • 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया गया।)
  • दिल्ली सरकार ने गौरैया को राजपक्षी घोषित किया है
  • गौरैया को जई और गेहूं के बीज खाना सबसे अधिक पसंद है.
  • नर गोरैया का पहचान उसके गले के पास काले धब्बे से होता है

 

👇👇 पक्षी से सम्बधित वस्तुनिष्ट प्रश्न 👇👇

(01) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे)

3. हंसावर (फ्लेमिंगो)

4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

 

(02) भारत के उस पक्षी का नाम बतावे जो एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाते है।

1.भारतीय रॉबिन / कलचिड

2. कौवा

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. सूर्यपक्षी / शक्कर खोर

Ans- 4

 

नोट – भारत में आने वाला सबसे छोटा प्रवासी पक्षी – छोटी जलरंक वजन 15 ग्राम जितना कम, आर्कटिक क्षेत्र से भारत पहुंचने के लिए 8000 किमी से अधिक की यात्रा करता है।

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